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Author name: ujjain_pride

प्रमुख स्थल

कोठी पैलेस – उज्जैन का ऐतिहासिक शाही निवास

कोठी पैलेस उज्जैन के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह महल उज्जैन के शाही इतिहास का जीवंत उदाहरण है और शहर की भव्यता, शाही स्थापत्य कला और समृद्ध संस्कृति को प्रदर्शित करता है। कोठी पैलेस न केवल एक भव्य इमारत है, बल्कि यह उज्जैन के गौरवमयी अतीत और शाही जीवनशैली की […]

प्रमुख स्थल, संस्कृति और धरोहर

राम घाट – उज्जैन का पवित्र संगम स्थल

उज्जैन, जिसे धार्मिक नगरी के रूप में जाना जाता है, अपने अनेक पवित्र स्थलों और घाटों के लिए प्रसिद्ध है। इन्हीं में से एक है राम घाट, जो शिप्रा नदी के किनारे स्थित है। राम घाट न केवल उज्जैन का प्रमुख धार्मिक स्थल है, बल्कि यह आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी रखता है। राम घाट

ऐतिहासिक, पौराणिक, प्रमुख स्थल, मंदिर

हरसिद्धि मंदिर – उज्जैन का शक्तिपीठ

उज्जैन, जिसे प्राचीन काल से ही धार्मिक नगरी के रूप में जाना जाता है, अपने अनेक शक्तिपीठों और पवित्र स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। इन्हीं में से एक है हरसिद्धि मंदिर, जो 51 शक्तिपीठों में से एक है। यह मंदिर हरसिद्धि माता को समर्पित है, जो शक्ति और सिद्धि की देवी मानी जाती हैं। हरसिद्धि

व्यक्तित्व

राजाभाऊ महाकाल: उज्जैन की प्रतिष्ठा और गौरव के प्रतीक

राजा भाऊ महाकाल का नाम उज्जैन और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में एक प्रेरणा के रूप में हमेशा याद किया जाएगा। 26 जनवरी 1923 को उज्जैन में महाकाल मंदिर के पुजारी परिवार में जन्मे राजाभाऊ महाकाल का जीवन भारत के स्वाधीनता संग्राम के महान नायक के रूप में प्रस्तुत होता है। 1. महाकाल की नगरी में

ऐतिहासिक, पौराणिक, प्रमुख स्थल, मंदिर

चिंतामण गणेश मंदिर: उज्जैन की ऐतिहासिक धरोहर

उज्जैन, जो अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध है, में स्थित चिंतामण गणेश मंदिर न केवल एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है, बल्कि इसका ऐतिहासिक महत्व भी अत्यधिक है। यह मंदिर भगवान गणेश को समर्पित है, और यहां उनकी पूजा से सभी दुखों का निवारण होता है। ⏳ इतिहास: चिंतामण गणेश मंदिर की स्थापना

व्यक्तित्व

कवि प्रदीप : उज्जैन की शान: महान देशभक्त

महाकाल की पावन भूमि उज्जैन ने हमेशा अपनी संस्कृति, ज्ञान और महान विभूतियों के कारण गौरव प्राप्त किया है। इस पुण्य नगरी के बड़नगर कस्बे में 6 फरवरी 1915 को जन्मे कवि प्रदीप न केवल उज्जैन बल्कि पूरे देश का गौरव हैं। उनका असली नाम रामचंद्र नारायणजी द्विवेदी था, लेकिन उनकी लेखनी ने उन्हें “कवि

प्रमुख स्थल, मंदिर

भर्तहरि गुफा : उज्जैन की रहस्यमयी धरोहर

उज्जैन की पावन धरती पर स्थित भर्तहरि गुफा एक ऐसा स्थान है, जो अध्यात्म, तपस्या और रहस्यमयी कहानियों से भरा हुआ है। यह गुफा राजा भर्तहरि की साधना स्थली के रूप में जानी जाती है, जिन्होंने राजसी जीवन त्यागकर संन्यास का मार्ग अपनाया था। 🕉️ पौराणिक महत्व: भर्तहरि, जो उज्जैन के राजा विक्रमादित्य के बड़े

प्रमुख स्थल, मंदिर

काल भैरव: उज्जैन का संरक्षक देवता

उज्जैन, जिसे महाकाल की नगरी के नाम से जाना जाता है, में काल भैरव का विशेष महत्व है। यह प्राचीन मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि इतिहास और संस्कृति का अद्वितीय प्रतीक भी है। काल भैरव भगवान शिव के उग्र और रक्षक रूप हैं, जिन्हें समय (काल) के स्वामी और नकारात्मक शक्तियों

व्यक्तित्व

उज्जैन की शान: श्रीकृष्ण ‘सरल’

उज्जैन की साहित्यिक और सांस्कृतिक धरोहर को समृद्ध करने वाले महान साहित्यकार श्रीकृष्ण ‘सरल’ को उनकी राष्ट्रभक्ति और क्रांतिगाथाओं के लिए हमेशा याद किया जाएगा। श्रीकृष्ण ‘सरल’ न केवल उज्जैन के गौरव हैं, बल्कि भारतीय साहित्य और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में उनकी अमिट छवि बनी हुई है। उज्जैन और सरल जी का जुड़ाव: •

संस्कृति और धरोहर

माच नृत्य: मालवा की अनूठी लोकनाट्य परंपरा

“माच” मालवा क्षेत्र की एक पारंपरिक लोकनाट्य विधा है, जो न केवल एक नृत्य शैली है, बल्कि इसमें नाट्य, संगीत और संवाद का अद्भुत समावेश होता है। “माच” शब्द संस्कृत के “मंच” से निकला है, जिसका अर्थ है मंच या स्थान, जहाँ प्रदर्शन किया जाता है। यह मालवा की सांस्कृतिक धरोहर का एक अनमोल हिस्सा

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