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Author name: ujjain_pride

साहित्यिक

संस्कृत अध्ययन और पांडुलिपियों का संरक्षण: उज्जैन की अनमोल विरासत

उज्जैन, 7 फरवरी – भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी उज्जैन न केवल मंदिरों और तीर्थ स्थलों के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहां पर संस्कृत अध्ययन और प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण का भी विशेष महत्व है। उज्जैन सदियों से ज्ञान और विद्या की भूमि रही है, और यहां कई संस्थान संस्कृत भाषा, वैदिक ग्रंथों और […]

अन्य

मालीपुरा का फूल व्यवसाय: उज्जैन की खुशबूदार धरोहर

उज्जैन, जो अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है, यहाँ के मालीपुरा क्षेत्र में फूलों का व्यवसाय वर्षों से फल-फूल रहा है। यह इलाका न केवल शहर बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी अपने ताजे और सुगंधित फूलों की आपूर्ति के लिए जाना जाता है। 🌺 फूलों का बाजार: भक्ति और व्यवसाय का

धार्मिक आयोजन

पंजाबी व हिंदी गायिका व अभिनेत्री सुश्री सुनंदा शर्मा श्री महाकालेश्वर भगवान की भस्मार्ती में सम्मिलित हुई।

श्री महाकालेश्वर मंदिर के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने बताया कि पंजाबी और हिंदी गीत गायिका व अभिनेत्री सुनंदा शर्मा भस्मारती में परिवार समेत शामिल हुईं। उन्होंने नंदी हॉल से बाबा महाकाल के निराकार से साकार स्वरूप के दर्शन किए और चांदी द्वार से जलाभिषेक भी किया। भस्मारती के दौरान वे बाबा महाकाल की भक्ति

अन्य

उज्जैन की ‘मगरमुहा की गली’ – इस नाम के पीछे की ऐतिहासिक कहानी

उज्जैन सिर्फ महाकाल की नगरी ही नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और विरासत का एक अनमोल खजाना है। यहाँ की हर गली, हर सड़क के पीछे कोई न कोई कहानी छिपी है। ऐसी ही एक चर्चित गली है – ‘मगरमुहा की गली’। इस अनोखे नाम के पीछे की कहानी सदियों पुरानी है और यह उज्जैन के

व्यक्तित्व

हास्य-व्यंग्य के जादूगर: पंडित ओम व्यास ‘ओम

उज्जैन की पावन धरा पर अनेक महान साहित्यकारों ने जन्म लिया, जिन्होंने अपनी लेखनी से समाज को नई दिशा दी। उन्हीं में से एक थे पंडित ओम व्यास ‘ओम’ जी। वे केवल एक कवि नहीं, बल्कि हास्य-व्यंग्य के अप्रतिम हस्ताक्षर थे, जिनकी रचनाएँ समाज की कड़वी सच्चाइयों को हल्के-फुल्के अंदाज में प्रस्तुत करती थीं। 🎤

मंदिर

उज्जैन के नौ नारायण मंदिर: एक आध्यात्मिक यात्रा

उज्जैन, जिसे महाकाल की नगरी के नाम से जाना जाता है, अपने प्राचीन मंदिरों और आध्यात्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। इनमें से एक विशेष आध्यात्मिक यात्रा है नौ नारायण मंदिरों की, जो भगवान विष्णु के नौ विभिन्न स्वरूपों को समर्पित हैं। मान्यता है कि इन मंदिरों के दर्शन मात्र से नौ ग्रहों की शांति

अन्य

बिटिया की शादी के बाद बाबा महाकाल को धन्यवाद कहने उज्जैन पहुंचे कवि कुमार विश्वास

प्रसिद्ध कवि व कथाकार कुमार विश्वास (Kumar Vishwas) धार्मिक नगरी उज्जैन (Ujjain) पहुंचे। जहां उन्होंने महाकाल मंदिर पहुंचकर भगवान महाकालेश्वर के दर्शन किए। नदी हाल में बैठकर ध्यान लगाया। इस दौरान कुमार विश्वास पूरी तरह भक्ति में लीन दिखाई दिए। कवि कुमार विश्वास सोमवार को मध्य प्रदेश के उज्जैन प्रवास पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने

अन्य, विशेष अनुभव

उज्जैन के टेम्पो – एक यादगार सफर की कहानी

उज्जैन, भगवान महाकाल की पावन नगरी, जहाँ हर गली, हर चौक इतिहास और परंपरा से जुड़ा हुआ है। इस ऐतिहासिक शहर में एक समय था जब टेम्पो सफर का सबसे लोकप्रिय और सुलभ साधन हुआ करता था। हालाँकि अब ये टेम्पो सड़कों से गायब हो चुके हैं, लेकिन उज्जैनवासियों की यादों में आज भी इनका

अन्य

मालवा एक्सप्रेस (12919/12920) – उज्जैन से चलने वाली सबसे पुरानी ट्रेन

मालवा एक्सप्रेस भारत की प्रमुख और ऐतिहासिक ट्रेनों में से एक है, जो 15 अगस्त 1981 को शुरू हुई थी। यह ट्रेन इंदौर से शुरू होकर उज्जैन, कोटा, मथुरा होते हुए दिल्ली तक जाती है और कई महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ती है। 🔹ट्रेन की पूरी जानकारी: 📍मार्ग और ठहराव: 12919 मालवा एक्सप्रेस (इंदौर से श्री

अन्य, विशेष अनुभव

उज्जैन के ताँगा: बीते समय की शाही सवारी, जो आज भी यादों में ज़िंदा है!

कभी उज्जैन की सड़कों पर ताँगा (घोड़ा गाड़ी) आम लोगों के परिवहन का प्रमुख साधन हुआ करता था। यह सिर्फ यात्रा का जरिया नहीं था, बल्कि शहर की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा भी था। श्रद्धालुओं, व्यापारियों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए यह एक आरामदायक, किफायती और सुहावना सफर हुआ करता था। 🔸ताँगा का

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