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Author name: ujjain_pride

पौराणिक

उज्जैन का पवित्र ‘चक्रतीर्थ’ – एक अनूठा श्मशान तीर्थ

उज्जैन, जिसे महाकाल की नगरी कहा जाता है, आध्यात्मिकता और रहस्यमय परंपराओं से समृद्ध है। इस पवित्र नगर में स्थित “चक्रतीर्थ” अन्य किसी भी स्थान से अलग है, क्योंकि यह एकमात्र ऐसा श्मशान है जिसे तीर्थ कहा जाता है। 📖 चक्रतीर्थ का पौराणिक महत्व सनातन परंपरा में श्मशान स्थलों को भय और रहस्य से जोड़ा […]

अन्य, विशेष अनुभव

जब महाकाल मंदिर में हुई सुपरस्टार रेखा की फिल्म “मंगलसूत्र” की शूटिंग

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में 1981 में बॉलीवुड की सुपरस्टार रेखा की फिल्म “मंगलसूत्र” की शूटिंग हुई थी। यह उन गिनी-चुनी फिल्मों में से एक थी, जिनकी शूटिंग महाकाल मंदिर परिसर में हुई। 🔹फिल्म “मंगलसूत्र” और महाकाल मंदिर का विशेष जुड़ाव 📅 वर्ष: 1981 🎥 फिल्म: मंगलसूत्र 🌟 मुख्य कलाकार: सुपरस्टार रेखा 📍 शूटिंग लोकेशन:

संस्कृति और धरोहर

रीगल टॉकीज़: उज्जैन की फिल्मी विरासत

उज्जैन का रीगल टॉकीज़, जो गोपाल मंदिर के ठीक सामने स्थित था, एक समय पर शहर का सबसे लोकप्रिय और प्रतिष्ठित सिनेमाघर था। यह सिर्फ एक सिनेमा हॉल नहीं था, बल्कि यह उज्जैन की सांस्कृतिक विरासत और मनोरंजन का केंद्र भी रहा है। 🔹रीगल टॉकीज़ का गौरवशाली अतीत ✅ स्थापना और लोकप्रियता: रीगल टॉकीज़ की

धार्मिक आयोजन

विक्रम संवत: भारत की प्राचीन और गौरवशाली कालगणना प्रणाली

भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर में विक्रम संवत का विशेष स्थान है। यह न केवल एक पंचांग आधारित कालगणना पद्धति है, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपराओं और ज्योतिष विज्ञान से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। विक्रम संवत की स्थापना महान सम्राट विक्रमादित्य ने की थी, जिनका नाम ही इस संवत का आधार बना। यह

सिंहस्थ हलचल

सिंहस्थ 1980: परंपरा और आधुनिकीकरण का संगम

1980 का सिंहस्थ और सामाजिक एकता सिंहस्थ 1980 के दौरान पहली बार सभी अखाड़ों ने एक मंच पर आकर सामाजिक समरसता का संदेश दिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य जाति और वर्गभेद को समाप्त कर आध्यात्मिक एकता को बढ़ावा देना था। महत्वपूर्ण निर्णय महिलाओं की भागीदारी: पहली बार महिला संतों को अखाड़ों में विशेष स्थान

सिंहस्थ हलचल

सिंहस्थ 1992: आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र

सिंहस्थ 1992 का आयोजन 1992 में हुए सिंहस्थ का मुख्य उद्देश्य धार्मिक जागरूकता बढ़ाना था। इस आयोजन के दौरान विशेष रूप से ध्यान और योग शिविरों का आयोजन किया गया। महत्वपूर्ण घटनाएँ श्री महाकालेश्वर मंदिर में 1008 महायज्ञों का आयोजन विदेशी साधकों की बढ़ती संख्या पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान आध्यात्मिक

सिंहस्थ हलचल

सिंहस्थ 2004: तकनीकी और सांस्कृतिक नवाचार

2004 का सिंहस्थ और तकनीकी प्रयोग सिंहस्थ 2004 के दौरान पहली बार डिजिटल सूचना तंत्र का प्रयोग किया गया। श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देने के लिए वेबसाइट और टेलीफोन हेल्पलाइन की शुरुआत की गई। इस मेले में लगभग 3 करोड़ लोग शामिल हुए थे। संस्कृति और कला का संगम सिंहस्थ 2004 में कला और संस्कृति को

राजनितिक, व्यक्तित्व

श्री बाबूलाल जैन, वरिष्ठ भाजपा नेता : उज्जैन के गौरव

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा श्री बाबूलाल जैन जी का जन्म 1933 में उज्जैन, मध्य प्रदेश में एक धार्मिक एवं संस्कारित परिवार में हुआ। बचपन से ही वे राष्ट्रभक्ति और समाजसेवा की भावना से ओत-प्रोत थे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा उज्जैन में ही हुई और किशोरावस्था में ही वे सामाजिक कार्यों से जुड़ गए। संघ और जनसंघ

मंदिर

खड़े हनुमान मंदिर, सराफा – संकट निवारण

उज्जैन, भगवान महाकाल की पावन नगरी, अपने दिव्य और चमत्कारी मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। इन्हीं में से एक विशेष आस्था स्थल है खड़े हनुमान मंदिर, जो सराफा बाजार क्षेत्र में स्थित है। इस मंदिर में हनुमानजी का दुर्लभ खड़े स्वरूप स्थापित है, जो भक्तों की सभी बाधाओं का नाश करने वाले माने जाते हैं।

धार्मिक आयोजन, सिंहस्थ हलचल

सिंहस्थ 2028 – आस्था, परंपरा और अध्यात्म का महासंगम

उज्जयिनी की पावन धरा पर एक बार फिर आध्यात्मिक ऊर्जा का महासंगम होने जा रहा है! हर 12 वर्षों में आयोजित होने वाला सिंहस्थ न केवल भारत बल्कि संपूर्ण विश्व में सनातन संस्कृति और अध्यात्म का सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है। यह पर्व श्रद्धा, भक्ति, संत समागम और सनातन परंपराओं का भव्य आयोजन है,

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